Shikshamitra News: शिक्षामित्रों का इंतज़ार होगा खत्म! आनंद शुक्ला का एक्सक्लूसिव इंटरव्यू


लखनऊ: उत्तर प्रदेश के शिक्षामित्र लंबे समय से सरकार की ओर टकटकी लगाए बैठे हैं। मानदेय, स्थायित्व और सुविधाओं को लेकर उनके मन में कई सवाल हैं। बीते कुछ समय से प्रदेश सरकार के मंत्री और जनप्रतिनिधि शिक्षामित्रों को लगातार आश्वासन देते नजर आ रहे हैं। हाल ही में आयोजित एक बड़े कार्यक्रम में विधायक आनंद शुक्ला ने शिक्षामित्रों को लेकर सकारात्मक संकेत दिए थे। इसके अलावा एमएलसी श्रीचंद शर्मा भी शिक्षामित्रों के मुद्दे को लगातार उठा रहे हैं।

ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि योगी सरकार आगे शिक्षामित्रों के लिए क्या कदम उठाने जा रही है? क्या मानदेय में बढ़ोतरी होगी? क्या उनकी समस्याओं का कोई स्थायी समाधान निकलेगा? इन्हीं सवालों को लेकर विधायक आनंद शुक्ला से विशेष बातचीत की गई। पेश हैं बातचीत के प्रमुख अंश।

प्रश्न: शिक्षामित्रों को लेकर सरकार की ओर से लगातार प्रयास की बात कही जा रही है। हाल ही में कैशलेस इलाज की सुविधा भी दी गई है और मानदेय बढ़ोतरी को लेकर भी आपके बयान सामने आए हैं। इस पर क्या अपडेट है?

उत्तर: भारतीय जनता पार्टी की उत्तर प्रदेश सरकार सभी वर्गों के लिए निरंतर संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रही है। शिक्षामित्रों का विषय इसलिए जटिल है क्योंकि उच्चतम न्यायालय के आदेश के बाद उनकी स्थिति प्रभावित हुई। वर्तमान में जो मानदेय मिल रहा है, उसे लेकर सरकार गंभीरता से विचार कर रही है। माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने भाषण में स्पष्ट किया था कि कैशलेस चिकित्सा सुविधा शिक्षकों के साथ-साथ शिक्षामित्रों, अनुदेशकों और रसोइया बहनों को भी दी जाएगी। इसी क्रम में एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया गया है, जो शिक्षामित्रों से जुड़े सभी पहलुओं पर निर्णय ले रही है। हाल ही में हुए कार्यक्रमों में मैंने यही कहा कि मानदेय के संबंध में शिक्षामित्रों को जल्द ही कोई शुभ सूचना मिल सकती है। मुझे पूरी उम्मीद है कि सकारात्मक खबर सामने आएगी।

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प्रश्न: विधानसभा में बजट पेश होने वाला है। क्या शिक्षामित्रों को इस बजट से कोई उम्मीद करनी चाहिए?

उत्तर: बजट एक अत्यंत संवेदनशील विषय होता है। बजट से पहले इसकी जानकारी केवल वित्त मंत्री और संबंधित विभागों तक सीमित रहती है। इसलिए इस पर कोई सीधी टिप्पणी करना उचित नहीं होगा। लेकिन इतना जरूर कहूंगा कि हमारी सरकार शिक्षामित्रों के कष्टों और समस्याओं को भली-भांति समझ चुकी है। उनके दर्द को कम करने की दिशा में सरकार गंभीरता से काम कर रही है और हम सभी आशान्वित हैं।

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प्रश्न: डबल इंजन सरकार के दौरान शिक्षा के स्तर को सुधारने की बात कही जाती रही है। इस दिशा में आगे क्या योजनाएं हैं?

उत्तर: वर्ष 2017 से जब से उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनी है, तब से शिक्षा के क्षेत्र में व्यापक सुधार किए गए हैं। कायाकल्प योजना के माध्यम से न केवल विद्यालयों के इंफ्रास्ट्रक्चर को बेहतर बनाया गया, बल्कि शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने पर भी विशेष ध्यान दिया गया। ये प्रयास लगातार जारी हैं। आने वाले समय में शिक्षा के क्षेत्र में नए अभियान और नई योजनाएं देखने को मिलेंगी। शिक्षामित्र भले ही नाम से मित्र हों, लेकिन उनका कार्य शिक्षकों के समान ही है। वे सभी योग्य हैं और यदि उनका मानदेय बढ़ता है तो वे और अधिक ऊर्जा के साथ बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए कार्य करेंगे।

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