लखनऊ: सीएम योगी आदित्यनाथ से मुलाकात के बाद एमएलसी श्रीचंद शर्मा ने बताया कि प्रदेश के शिक्षकों, शिक्षामित्रों, अनुदेशकों, वित्तविहीन व तदर्थ शिक्षकों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा का बड़ा लाभ मिलने जा रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने शिक्षकों की वर्षों पुरानी मांग को स्वीकार करते हुए संवैधानिक बाधाओं को दूर कर यह सुविधा लागू की है।
एमएलसी श्रीचंद शर्मा ने बताया कि वह मानवेंद्र प्रताप सिंह और उमेश द्विवेदी के साथ मुख्यमंत्री से मिले और शिक्षक समुदाय की ओर से उनका आभार व्यक्त किया। शिक्षामित्र संघ की ओर से सौंपा गया धन्यवाद पत्र भी मुख्यमंत्री को दिया गया। उन्होंने कहा कि पूरे प्रदेश में शिक्षकों के बीच खुशी का माहौल है और अवसर मिलने पर मुख्यमंत्री के सम्मान में एक बड़ा धन्यवाद कार्यक्रम भी आयोजित किया जाएगा।
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उन्होंने कहा कि पहले बेसिक शिक्षा परिषद के शिक्षकों और एडेड कॉलेजों के शिक्षकों को यह कहकर कैशलेस इलाज से वंचित रखा जाता था कि वे पूर्ण रूप से राजकीय कर्मचारी नहीं हैं। लेकिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस बाधा को समाप्त करते हुए आयुष्मान भारत योजना की तर्ज पर कैशलेस चिकित्सा सुविधा लागू की है। इस योजना के तहत शिक्षक और उनके परिवार के पात्र सदस्यों को प्रतिवर्ष 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज मिलेगा।
एमएलसी ने बताया कि इस योजना से लगभग 15 लाख से अधिक शिक्षक सीधे लाभान्वित होंगे और उनके परिवारों को जोड़ने पर यह संख्या करीब 75 लाख तक पहुंच जाती है। खास बात यह है कि वित्तविहीन शिक्षकों के लिए अलग से व्यवस्था की गई है, जो आयुष्मान कार्ड के मानकों में नहीं आ पाते थे।
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श्रीचंद शर्मा ने कहा कि यह योजना केवल शिक्षकों तक सीमित नहीं है, बल्कि शिक्षामित्रों, अनुदेशकों और रसोइयों को भी इसका लाभ मिलेगा। उन्होंने इसे “सबका साथ, सबका विकास” के नारे को जमीन पर उतारने वाला कदम बताया।
उन्होंने इस उपलब्धि का श्रेय पार्टी नेतृत्व को भी दिया और कहा कि प्रदेश अध्यक्ष, संगठन महामंत्री और मुख्यमंत्री के सहयोग से यह संभव हो पाया। बातचीत के दौरान शिक्षामित्रों के मानदेय बढ़ाने और नियमित वेतन व्यवस्था की मांग भी उठी, जिसे जल्द अंतिम मुकाम तक पहुंचाने का आग्रह किया गया।
