गृहकार्य न करने पर छात्रा को थप्पड़ मारने वाली शिक्षिका को तीन साल से अधिक की सजा, 50 हजार जुर्माना


गांधीनगर की एक अदालत ने नौवीं कक्षा की छात्रा को थप्पड़ मारने के मामले में एक स्कूल शिक्षिका को दोषी ठहराते हुए तीन साल से अधिक की सजा सुनाई है। यह सजा गृहकार्य पूरा न करने पर छात्रा को शारीरिक दंड देने के मामले में दी गई।

अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट हिमांशु चौधरी ने 30 जनवरी को अपने फैसले में कहा कि एक शिक्षक द्वारा अपने अधिकार का इस तरह दुरुपयोग करना गंभीर अपराध है। अदालत ने माना कि इस घटना में 14 वर्षीया छात्रा को गंभीर चोट पहुंची।

अदालत के अनुसार, शिक्षिका द्वारा मारे गए थप्पड़ से छात्रा के बाएं कान का पर्दा फट गया, जिसके कारण उसे लंबे समय तक सुनने में दिक्कत का सामना करना पड़ा। न्यायालय ने यह भी उल्लेख किया कि घटना के साढ़े चार साल बाद भी पीड़िता का उपचार जारी है।

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अदालत ने शिक्षिका पर 50,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया है और निर्देश दिया है कि यह राशि पीड़िता को मुआवजे के रूप में दी जाए।

न्यायालय ने अपने फैसले में कहा कि शिक्षकों को अनुशासन बनाए रखने का अधिकार है, लेकिन किसी भी परिस्थिति में शारीरिक हिंसा स्वीकार्य नहीं है।

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