यूपी शिक्षामित्रों के लिए बड़ी राहत, शिक्षा महानिदेशक ने जिलाधिकारियों को जारी किए निर्देश


लखनऊ: उत्तर प्रदेश के शिक्षामित्रों के लिए राहत भरी खबर है। अब शिक्षामित्रों को अपने घर के नजदीकी या मूल विद्यालय में वापस तैनाती देने के लिए जिला स्तर पर ही तबादले किए जाएंगे। इस संबंध में स्कूल शिक्षा महानिदेशक की ओर से सभी जिलाधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं।

गौरतलब है कि बीते दिसंबर में इस विषय पर शासनादेश जारी किया गया था। नौ दिसंबर को जारी शासनादेश में स्पष्ट किया गया था कि शिक्षामित्रों को प्राथमिकता के आधार पर उनके मूल विद्यालय में भेजा जाएगा। यदि मूल विद्यालय में शिक्षकों की संख्या आवश्यकता से अधिक होगी, तो ऐसे शिक्षामित्रों को नजदीकी विद्यालय में तैनात किया जाएगा। इसके साथ ही महिला शिक्षामित्रों को उनकी ससुराल के नजदीकी विद्यालय में तैनाती का विकल्प भी दिया गया है।

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स्कूल शिक्षा महानिदेशक मोनिका रानी ने बताया कि यह पूरी प्रक्रिया जिला स्तर पर ही पूरी की जाएगी। जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित समिति शिक्षामित्रों की तैनाती का निर्णय लेगी। इस संबंध में सभी जिलाधिकारियों को आवश्यक निर्देश भेज दिए गए हैं।

उल्लेखनीय है कि सपा सरकार के कार्यकाल में प्रदेश के करीब 1.37 लाख शिक्षामित्रों को शिक्षक बनाया गया था। शिक्षक बनने के बाद उन्हें दूसरे ब्लॉकों में तैनाती दी गई थी। बाद में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद उनका शिक्षक पद पर समायोजन रद कर दिया गया, जिससे वे दोबारा शिक्षामित्र बन गए लेकिन अपने मूल विद्यालयों से दूर हो गए।

सरकार ने वर्ष 2018 में शिक्षामित्रों को अपने मूल विद्यालय में लौटने का अवसर दिया था, जिसमें करीब एक लाख शिक्षामित्र वापस आ गए थे। हालांकि, लगभग 35 हजार शिक्षामित्र शिक्षक बनने की उम्मीद में उस समय अपने मूल विद्यालय में नहीं लौटे थे। अब नए निर्देशों से ऐसे शिक्षामित्रों को भी राहत मिलने की उम्मीद है।

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