शिक्षामित्रों को 12 महीने का मानदेय मिलने की संभावना पर क्या बोले वीरेंद्र सिंह छौंकर!


लखनऊ: उत्तर प्रदेश के शिक्षामित्रों को बेसिक शिक्षा विभाग की रीढ़ माना जाता है। यह बात स्वयं शिक्षा मंत्री संदीप सिंह भी कई मंचों पर कह चुके हैं। इसके बावजूद बीते कई वर्षों से शिक्षामित्र अपनी विभिन्न मांगों को लेकर संघर्षरत हैं। सीमित मानदेय और सुविधाओं के अभाव में शिक्षामित्रों को आर्थिक व सामाजिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

इसी क्रम में 6 जनवरी को लखनऊ के विश्व सभागार में उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षामित्र संगठन का एक बड़ा सम्मेलन आयोजित किया गया, जिसमें कई मंत्री, विधायक और विधान परिषद सदस्य शामिल हुए। सम्मेलन के बाद शिक्षामित्रों के बीच उम्मीदें और मजबूत हुई हैं कि आने वाले समय में सरकार उनकी समस्याओं पर ठोस निर्णय ले सकती है।

इस विषय पर संगठन के पदाधिकारी वीरेंद्र सिंह छौंकर ने बताया कि शिक्षामित्र पिछले सात–आठ वर्षों से धैर्य के साथ सरकार की ओर आशाभरी निगाहों से देख रहे हैं। सम्मेलन में मौजूद जनप्रतिनिधियों ने आश्वासन दिया है कि मुख्यमंत्री से शिक्षामित्रों की मांगों को लेकर सिफारिश की जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा महिलाओं को अन्नपात्र ट्रांसफर और स्वास्थ्य बीमा जैसी सुविधाएं देने की पहल सराहनीय है, जिससे शिक्षामित्र परिवारों को राहत मिलेगी।

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वीरेंद्र सिंह छौंकर ने कहा कि वर्तमान में शिक्षामित्रों को 11 महीने का ही मानदेय मिलता है और शेष अवधि का भुगतान नहीं होता। 12 महीने के मानदेय को लेकर फिलहाल किसी ठोस निर्णय की उम्मीद कम है, लेकिन मानदेय में वृद्धि को लेकर संगठन को सकारात्मक संकेत मिल रहे हैं। उन्होंने बताया कि महंगाई के इस दौर में वर्तमान मानदेय से घर चलाना बेहद कठिन हो गया है।

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उन्होंने यह भी कहा कि यदि शिक्षामित्रों को शिक्षकों के समान मूल वेतन और नियमित रूप से वार्षिक बढ़ोतरी जैसी सुविधाएं मिलें, तो उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हो सकती है। उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि जिस तरह सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय के बाद होमगार्ड्स को बेहतर वेतन मिला, उसी तरह शिक्षामित्रों के लिए भी व्यवस्था होनी चाहिए।

वीरेंद्र सिंह छौंकर के अनुसार सरकार अब यह स्वीकार कर चुकी है कि शिक्षामित्रों के बिना बेसिक शिक्षा व्यवस्था का सुचारु संचालन संभव नहीं है। इसी कारण शिक्षामित्रों को उम्मीद है कि आने वाले समय में शासन-प्रशासन स्तर पर उनके पक्ष में सकारात्मक और ठोस निर्णय देखने को मिल सकते हैं।

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