लखनऊ: नव वर्ष 2026 की शुरुआत के साथ ही उत्तर प्रदेश के शिक्षामित्रों की उम्मीदें एक बार फिर मजबूत होती नजर आ रही हैं। लंबे समय से मानदेय वृद्धि की मांग को लेकर संघर्ष कर रहे शिक्षामित्र आज भी सरकार की ठोस घोषणा का इंतजार कर रहे हैं। बीते वर्षों में शिक्षामित्रों ने कई बार ज्ञापन सौंपे, धरना-प्रदर्शन किए और शासन-प्रशासन के अधिकारियों से मुलाकात की, लेकिन हर बार उन्हें केवल आश्वासन ही मिला।
2025 के अंतिम महीनों में हालांकि सरकार की ओर से कुछ सकारात्मक संकेत जरूर देखने को मिले। इससे यह उम्मीद जताई जाने लगी कि आने वाला वर्ष 2026 शिक्षामित्रों के लिए नई खुशियां लेकर आ सकता है। इन्हीं उम्मीदों के बीच आदर्श समायोजित शिक्षक शिक्षामित्र वेलफेयर एसोसिएशन के प्रदेश महामंत्री उमेश कुमार पांडेय ने नव वर्ष के अवसर पर शिक्षामित्रों को संदेश दिया।
अटल टीवी से बातचीत के दौरान उमेश कुमार पांडेय ने सभी शिक्षामित्र साथियों और लगभग डेढ़ लाख शिक्षामित्र परिवारों को नव वर्ष की अग्रिम हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि वे ईश्वर से कामना करते हैं कि वर्ष 2026 शिक्षामित्र समाज के लिए अच्छा और उत्तम साबित हो। उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षामित्र वर्ष 1999-2000 से लगातार उम्मीद के सहारे ही आगे बढ़ते आ रहे हैं और अब कुछ ऐसे संकेत जरूर दिख रहे हैं, जिनसे लगता है कि 2026 बेहतर हो सकता है।
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उमेश पांडेय ने सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों को लेकर भी शिक्षामित्रों को सतर्क रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि कुछ लोग तारीख और महीने बताकर भ्रम फैलाने का काम कर रहे हैं, जो गलत है। मुख्यमंत्री और मंत्रियों के बयानों का स्वागत करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि अभी तक किसी निश्चित तारीख की घोषणा नहीं हुई है, इसलिए भ्रामक बातों से बचना जरूरी है।
उन्होंने भरोसा जताया कि उत्तर प्रदेश की लोकप्रिय सरकार शिक्षामित्रों के हित में नए वर्ष में कोई सकारात्मक फैसला जरूर लेगी। वहीं लखनऊ से लेकर दिल्ली तक होने वाली प्रस्तावित मुलाकातों को लेकर उन्होंने बताया कि भारतीय जनता पार्टी के संगठनात्मक कार्यक्रमों के चलते कुछ देरी हुई है, लेकिन प्रयास जारी हैं और जल्द ही मुलाकात कर किसी निष्कर्ष पर पहुंचने की कोशिश की जाएगी।
कुल मिलाकर नव वर्ष 2026 की शुरुआत शिक्षामित्रों के लिए उम्मीद और भरोसे के साथ हुई है। अब सभी की नजरें सरकार की अगली घोषणा पर टिकी हैं, जिससे वर्षों से संघर्ष कर रहे शिक्षामित्रों को वास्तविक राहत मिल सके।
