लखनऊ: उत्तरप्रदेशप्राथमिक शिक्षामित्र संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष अजय सिंह बनारस ने शिक्षामित्रों को संबोधित करते हुए कहा कि संगठन पिछले ढाई–तीन वर्षों से लगातार शिक्षामित्रों के हित में संघर्ष कर रहा है। उन्होंने बताया कि 6 जनवरी को लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम माननीय मुख्यमंत्री के निर्देश पर हुआ, जो शिक्षामित्रों की दिशा और दशा बदलने की प्रक्रिया का महत्वपूर्ण चरण है।
अजय सिंह ने कहा कि संगठन का उद्देश्य दिखावा या प्रचार नहीं, बल्कि ठोस परिणाम लाना है। संगठन मुख्यमंत्री और बेसिक शिक्षा मंत्री के दिशा-निर्देशों के अनुसार कार्य कर रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि संगठन को मजबूत राजनीतिक और प्रशासनिक पैरवी मिल रही है, जिसके चलते शिक्षामित्रों के मुद्दों पर गंभीरता से काम हो रहा है।
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मानदेय को लेकर उन्होंने कहा कि बेसिक शिक्षामित्रों का तीन माह से लंबित भुगतान गंभीर विषय है। इस संबंध में संगठन ने महानिदेशक और निदेशक स्तर पर वार्ता कर मांग पत्र सौंपा है। यदि शीघ्र भुगतान नहीं हुआ तो संगठन लखनऊ जाकर आगे की कार्रवाई करेगा।
कैशलेस चिकित्सा योजना को लेकर अजय सिंह ने बताया कि यह योजना अंतिम चरण में है। तकनीकी कारणों से थोड़ी देरी हुई है, लेकिन बहुत जल्द इसे लागू कर दिया जाएगा। उन्होंने इसे शिक्षामित्रों के लिए बड़ी उपलब्धि बताया।
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उन्होंने कहा कि संगठन शीघ्र ही लखनऊ में एक बड़ा कार्यक्रम आयोजित करने जा रहा है, जिसकी तारीख जल्द घोषित की जाएगी। इस कार्यक्रम का उद्देश्य शिक्षामित्रों के मुद्दों का स्थायी समाधान सुनिश्चित करना है।
अजय सिंह ने शिक्षामित्रों से धैर्य बनाए रखने, संगठन का सहयोग करने और आपसी मतभेदों से बचने की अपील की। उन्होंने कहा कि संगठन तब तक संघर्ष करता रहेगा जब तक शिक्षामित्रों की समस्याओं का समाधान नहीं हो जाता।
