लखनऊ: उत्तर प्रदेश में 5 और 6 जनवरी को आयोजित होने वाले बेसिक शिक्षामंत्री के कार्यक्रम को लेकर उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षामित्र संघ (UPPSMS) के प्रदेश अध्यक्ष शिवकुमार शुक्ला ने इसे बेहद महत्वपूर्ण बताया है। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम ए टू जेड पूरी तरह से महत्वपूर्ण है और इसके बिना कुछ समय तक भी काम चलने वाला नहीं है।
शिवकुमार शुक्ला ने स्पष्ट किया कि शिक्षामित्रों का मूल उद्देश्य आर्थिक समस्या का समाधान है। हाल ही में जिन दो बिंदुओं पर घोषणाएं हुई हैं, उसके लिए उन्होंने माननीय मुख्यमंत्री को बधाई दी, लेकिन साथ ही यह भी कहा कि शिक्षामित्रों की आर्थिक स्थिति में शीघ्र सुधार होना अत्यंत आवश्यक है। इसी दिशा में संगठन लगातार प्रयासरत है।
उन्होंने बताया कि 5 जनवरी को माननीय मंत्री के यहां कार्यक्रम प्रस्तावित है, जिसमें शिक्षामित्र और अनुदेशक साथी बढ़-चढ़कर हिस्सा लेंगे। संगठन व्यक्तिगत रूप से भी मंत्री से मिलकर संवाद करेगा और अपनी समस्याओं व मांगों को मजबूती से रखेगा, ताकि कार्यक्रम और व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाया जा सके।
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प्रदेश अध्यक्ष ने MLC चंद शर्मा, उनकी पूरी टीम, माननीय विधायक रामकृष्ण भार्गव जी सहित सभी जनप्रतिनिधियों को शिक्षामित्र और अनुदेशक परिवार की ओर से बधाई एवं नव वर्ष की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने आशा जताई कि इनके प्रतिनिधित्व में शिक्षामित्रों की समस्याओं का समाधान निरंतर होता रहेगा।
उन्होंने कहा कि आने वाला वर्ष और विशेष रूप से यह वित्तीय वर्ष तथा बजट शिक्षामित्रों के लिए लाभकारी और शुभकारी साबित हो, यही संगठन की कामना है। लक्ष्य यही है कि प्रत्येक शिक्षामित्र भाई-बहन खुशहाल हों। इसी उद्देश्य से संगठन संघर्ष और प्रयास दोनों जारी रखेगा।
शिवकुमार शुक्ला ने बताया कि पिछले तीन–चार वर्षों से संगठन लगातार मंत्री के कार्यक्रमों में भाग लेता रहा है। हर बार 100 से 200 शिक्षामित्रों के साथ पहुंचकर पोस्टर, सम्मान और संवाद के माध्यम से अपनी बात रखी जाती है। इस बार भी बड़े समूह के साथ मंत्री से बातचीत और विस्तृत चर्चा करने का प्रयास रहेगा।।
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उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम मंत्री जी के साथ संवाद का मंच होगा, जहां तालमेल बनाकर बैठकर बातचीत की जाएगी, ताकि शिक्षामित्रों की समस्याओं का ठोस समाधान निकल सके। संगठन का पूरा प्रयास रहेगा कि यह कार्यक्रम पहले से बेहतर, मजबूत और शिक्षामित्र हितों के लिए प्रभावी साबित हो।
