लखनऊ: उत्तर प्रदेश के शिक्षामित्रों के बीच इन दिनों उत्साह का माहौल है। कारण है कि लंबे समय से प्रतीक्षित स्थानांतरण से संबंधित शासनादेश अब जारी हो चुका है। शासनादेश जारी होने के बाद शिक्षामित्रों में खुशी साफ देखी जा सकती है।
उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षामित्र संगठन के प्रदेश अध्यक्ष शिव कुमार शुक्ला ने इसे पदाधिकारियों, अधिकारियों और संबंधित मंत्रियों की मेहनत का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि सभी के सहयोग से आखिरकार वह आदेश जारी हो गया जिसका इंतजार वर्षों से था। 3 जनवरी 2025 को जारी शासनादेश के बाद स्थानांतरण प्रक्रिया कई कारणों से लंबित चली गई थी। जून में इसका निस्तारण होना था, लेकिन लगातार तारीख बढ़ती गई, जिससे शिक्षामित्रों में निराशा फैल रही थी। अब आदेश जारी होने के बाद राहत महसूस की जा रही है।
शिव कुमार शुक्ला ने कहा कि यह पूरी जीत नहीं, बल्कि एक सकारात्मक शुरुआत है। अब संगठन का मुख्य फोकस मानदेय वृद्धि और कैशलेस इलाज की सुविधा पर होगा। उनका कहना है कि मुख्यमंत्री द्वारा की गई घोषणाओं पर जल्द शासनादेश जारी होना चाहिए, ताकि शिक्षामित्र आर्थिक रूप से मजबूत हो सकें और अपने कार्य में पूरी निष्ठा से जुटे रहें।
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उधर, 5 जनवरी को प्रस्तावित कार्यक्रम, जो स्थानांतरण नीति को लेकर आयोजित होना था, संगठन ने स्थगित कर दिया है। स्थानांतरण से संबंधित आदेश जारी होने के बाद अब इस कार्यक्रम की आवश्यकता नहीं रह गई है। संगठन ने बताया कि यदि आगे किसी नए कार्यक्रम की जरूरत होगी, तो समय रहते सभी को अवगत कराया जाएगा।
शिव कुमार शुक्ला ने यह भी बताया कि मानदेय वृद्धि और इलाज से संबंधित मुद्दों पर संगठन लगातार मंत्रियों और अधिकारियों से मुलाकात कर रहा है। लखनऊ में होने वाली आगामी बैठकों में इसी विषय पर विशेष रणनीति तैयार की जाएगी।
शिक्षामित्रों में इस समय उम्मीद का माहौल है कि स्थानांतरण के बाद अब मानदेय और अन्य सुविधाओं को लेकर भी जल्द सकारात्मक निर्णय होंगे।
