शिक्षामित्र संगठन ने तय कर ली 2026 की रणनीति! उमेश पांडेय ने दी ये अहम जानकारी!


लखनऊ: उत्तर प्रदेश के शिक्षामित्र अब वर्ष 2026 को लेकर नई रणनीति के साथ आगे बढ़ने की तैयारी में जुट गए हैं। हाल ही में स्थानांतरण प्रक्रिया शुरू होने से शिक्षामित्रों को बड़ी राहत मिली है, लेकिन संगठन का कहना है कि उनकी मूल समस्या अभी भी आर्थिक तंगी ही है, जिसे लेकर संघर्ष जारी रहेगा।

आदर्श समायोजित शिक्षक शिक्षामित्र वेलफेयर एसोसिएशन के प्रदेश महामंत्री उमेश कुमार पांडेय ने बताया कि स्थानांतरण की समस्या लंबे समय से शिक्षामित्रों के लिए बड़ी परेशानी बनी हुई थी। कई शिक्षामित्र 90 से 100 किलोमीटर की दूरी तय कर ₹10,000 के मानदेय में काम करने को मजबूर थे, जिससे पारिवारिक जीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा था। सरकार द्वारा स्थानांतरण प्रक्रिया शुरू किया जाना शिक्षामित्रों के लिए “डूबते को तिनके का सहारा” जैसा है।

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उमेश पांडेय ने इसके लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, शिक्षा मंत्री और संबंधित अधिकारियों का आभार जताया, लेकिन साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि आर्थिक समस्या सबसे जटिल और गंभीर मुद्दा है। उनका कहना है कि ₹10,000 के मानदेय में चार सदस्यों के परिवार का पालन-पोषण मौजूदा महंगाई में लगभग असंभव हो गया है। घर के खर्च, बच्चों की पढ़ाई, सामाजिक दायित्व और रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करना शिक्षामित्रों के लिए बड़ी चुनौती बन चुका है।

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उन्होंने कहा कि आर्थिक तंगी के कारण शिक्षामित्रों से जुड़ी लगातार दुखद खबरें सामने आती रहती हैं, जो बेहद पीड़ादायक हैं। संगठन की मांग है कि इस समस्या का शीघ्र समाधान किया जाए, ताकि शिक्षामित्र मानसिक तनाव से मुक्त होकर अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर सकें।

मानदेय वृद्धि को लेकर संगठन अब सक्रिय रूप से सिलसिलेवार मुलाकातों की तैयारी कर रहा है। सबसे पहले उप मुख्यमंत्री से मुलाकात की जाएगी, इसके बाद मुख्यमंत्री से और फिर केंद्र सरकार के अधिकारियों से दिल्ली और लखनऊ में बातचीत करने की योजना है। उमेश पांडेय ने बताया कि वे स्वयं लगातार प्रयास कर रहे हैं और दिल्ली स्तर पर भी वरिष्ठ मंत्रियों से मिलने का कार्यक्रम बनाया जा रहा है।

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उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षामित्र हमेशा पूरी ईमानदारी से अपने दायित्व निभाते आए हैं। हाल ही में चले विभिन्न शैक्षिक कार्यक्रमों में शिक्षामित्रों की भागीदारी और कार्य निष्पादन लगभग 95 प्रतिशत तक रहा है, जो उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इसके बावजूद आर्थिक चिंता उनके मन को लगातार विचलित करती रहती है।

2026 को लेकर संगठन को उम्मीद है कि नया साल शिक्षामित्रों के लिए सकारात्मक संदेश लेकर आएगा। उमेश पांडेय का कहना है कि सरकार द्वारा पहले की गई घोषणाओं और हालिया संकेतों को देखते हुए जनवरी 2026 शिक्षामित्रों के लिए राहत भरा साबित हो सकता है। संगठन इसी उम्मीद के साथ अपनी रणनीति को आगे बढ़ा रहा है और जल्द समाधान की अपेक्षा कर रहा है।

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