Anudeshak News: अनुदेशकों की बढ़ती नाराज़गी, संगठन ने जताई नाराज़गी – स्मृति मिश्रा ने बताए आगे के कदम

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के अनुदेशक लंबे समय से अपनी समस्याओं के समाधान का इंतजार कर रहे हैं। बीते दिनों शिक्षामित्रों के लिए मूल विद्यालय वापसी से जुड़ा शासनादेश जारी हुआ और स्थानांतरण प्रक्रिया भी दोबारा शुरू कर दी गई। इसके बाद अब अनुदेशकों में भी उम्मीद जगी है कि उनकी समस्याओं पर भी सरकार जल्द कोई ठोस कदम उठाएगी।

अनुदेशकों की प्रमुख मांगें

प्रदेश के अनुदेशकों की दो मुख्य मांगें हैं –

  1. स्थानांतरण को लेकर स्पष्ट शासनादेश जारी किया जाए।
  2. मानदेय वृद्धि पर सरकार जल्द फैसला ले।

अनुदेशक महिला संगठन की ओर से हाल ही में कई मुलाकातें की गई हैं और आगे भी बातचीत की रणनीति बनाई जा रही है। संगठन का कहना है कि इसी सप्ताह महानिदेशक से मुलाकात की जाएगी और समस्याओं के समाधान के लिए आग्रह किया जाएगा। संगठन ने संकेत दिए हैं कि यदि समय रहते समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो जनवरी में बड़ा कदम उठाया जा सकता है।

स्मृति मिश्रा ने क्या कहा

प्रदेश अध्यक्ष स्मृति मिश्रा ने बताया कि शिक्षा मित्रों के आदेश के बाद अनुदेशकों को भी भरोसा था कि उनका शासनादेश जल्द जारी होगा, लेकिन अभी तक लिखित आदेश न आने से असंतोष बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा कि—
“महिलाओं के अंतर जिला ट्रांसफर को लेकर हम लोग दो साल से प्रयासरत हैं। शिक्षा मित्रों का आदेश दोबारा जारी हो गया है, लेकिन अनुदेशकों से जुड़ा कोई भी आदेश अभी तक नहीं आया है। जब तक लिखित आदेश नहीं मिलता, यह मान लेना मुश्किल है कि शासन हमारी समस्याओं पर ध्यान दे रहा है।”

स्मृति मिश्रा ने बताया कि पिछली बार वे महानिदेशक से मुलाकात करने गई थीं, लेकिन मुलाकात नहीं हो पाई। इसीलिए इस सप्ताह संगठन फिर से मिलने का प्रयास करेगा।

मानदेय वृद्धि पर भी उम्मीद

मानदेय वृद्धि को लेकर भी अनुदेशकों में उम्मीद बनी हुई है।
स्मृति मिश्रा के अनुसार—
“मुख्यमंत्री जी ने 5 सितंबर को और फिर 6 दिसंबर को मानदेय वृद्धि को लेकर घोषणा की है। हमें विश्वास है कि वे बेहतर करेंगे, मगर आदेश जल्द आए इसकी उम्मीद है। विलंबित प्रक्रिया को लेकर हम महानिदेशक महोदय के समक्ष फिर से अपनी बात रखेंगे।”


अनुदेशकों की बढ़ती नाराज़गी सरकार के सामने साफ संदेश है कि उन्हें अब त्वरित और स्पष्ट निर्णय की आवश्यकता है। स्थानांतरण और मानदेय वृद्धि जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर आने वाले कुछ सप्ताह बेहद अहम साबित हो सकते हैं। संगठन ने संकेत दे दिए हैं कि यदि समाधान जल्दी नहीं मिलता, तो जनवरी में बड़ा कदम देखने को मिल सकता है।

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